व्यवस्थित शहर चंडीगढ़ के अनुरूप नहीं है यहां की सब्जी मंडियों का माहौल

The atmosphere of the vegetable markets

The atmosphere of the vegetable markets

चंडीगढ़ (सुदेश): The atmosphere of the vegetable markets, देशभर में ‘सिटी ब्यूटीफुल’ के नाम से प्रसिद्ध चंडीगढ़ आधुनिकता, सभ्यता और सुव्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। यहां की जीवनशैली, बोलचाल, यातायात व्यवस्था और नागरिक अनुशासन की देशभर में सराहना की जाती है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी यह शहर एक मिसाल प्रस्तुत करता है, जहां महिलाएं स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं तथा दिन-रात सुरक्षित आवागमन कर सकती हैं।

हालांकि, शहर की कुछ सब्जी मंडियों का वातावरण इस छवि के अनुरूप दिखाई नहीं देता। जैसे ही मंडी में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगती है, कुछ रेहड़ी-फड़ी विक्रेता अशोभनीय और दोहरे अर्थ वाले वाक्यों का प्रयोग करना शुरू कर देते हैं। उदाहरणस्वरूप, ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए “लाल है, लाल है, ताज़ा माल है” जैसे संवाद ऊंची आवाज़ में बोले जाते हैं। कई बार इनके साथ मौजूद अन्य लोग भी इस प्रकार की टिप्पणियों पर ठहाके लगाते हैं, जिससे परिवारों एवं महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

एक व्यक्ति द्वारा जब इस संबंध में कुछ युवकों के वरिष्ठ परिजन से शिकायत की गई, तो कथित रूप से उनका उत्तर था कि “यदि वातावरण ऐसा है तो अपनी बहू-बेटियों को यहां लेकर ही क्यों आते हैं?” इस प्रकार की प्रतिक्रिया समस्या के प्रति गंभीरता के अभाव को दर्शाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ फल एवं सब्जी विक्रेता ऐसे शब्दों और वाक्यों का प्रयोग करते हैं जिन्हें किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस स्थिति की वास्तविकता का आकलन कोई भी व्यक्ति स्वयं मंडी का दौरा कर सकता है।

मंडी में टमाटर बेचने वाले एक विक्रेता, जिन्होंने अपना नाम उमेश बताया, से जब पूछा गया कि क्या उन्हें अपने सामान के बिखरने या क्षति का डर नहीं लगता, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “अरे सरकार, यहां सब अच्छे से बंधा रहता है।”

यद्यपि यह समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित व्यक्तियों को अपने व्यवहार में सुधार लाने की आवश्यकता है, किंतु स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं समय-समय पर देखने को मिलती रहती हैं।

यह समस्या केवल एक मंडी तक सीमित नहीं है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार मनीमाजरा मोटर मार्केट तथा इंडस्ट्रियल एरिया के कुछ हिस्सों में भी इसी प्रकार का माहौल देखने को मिलता है। वहां कुछ लोगों का व्यवहार महिलाओं और परिवारों के लिए असहज परिस्थितियां उत्पन्न करता है। परिणामस्वरूप अनेक महिलाएं एवं परिवार इन स्थानों पर जाने से बचना पसंद करते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर शालीन वातावरण बनाए रखने तथा महिलाओं एवं परिवारों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।